A2Z सभी खबर सभी जिले की

मनुष्य अपना जीवन कृष्णभक्ति में बिताएं, मनुष्य जीवन विषय वस्तु को भोगने के लिए नहीं मिला ह- पण्डित रामजीलाल शास्त्री

oppo_0

मनुष्य अपना जीवन कृष्णभक्ति में बिताएं, मनुष्य जीवन विषय वस्तु को भोगने के लिए नहीं मिला है- पण्डित रामजीलाल शास्त्री

संवाददाता मनमोहन गुप्ता कामां डीग 9783029649

कामां – तीर्थराज विमलकुण्ड विराजित जगन्नाथ मन्दिर पर आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण के द्वितीय दिवस रविवार को कथा में अमर कथा और शुकदेवजी के जन्म का वृतांत का विस्तार से वर्णन किया गया। कथा वाचक रामजीलाल शास्त्री ने कथा की शुरुआत करते हुए कहा कि आप सब पर ठाकुर जी की कृपा है। जिसकी वजह से आप आज कथा का आनंद ले रहे है। श्रीमद भगवत कथा का रसपान कर पा रहें हैं क्योंकि जिन्हें गोविन्द प्रदान करते है जितना प्रदान करते है उसे उतना ही मिलता है। कथा में यह भी बताया की अगर आप भागवत कथा सुनकर कुछ पाना चाहते हैं, कुछ सीखना चाहते है तो कथा में प्यासे बन कर आए, कुछ सीखने के उद्देश्य से, कुछ पाने के उद्देश्य से आएं, तो ये भागवत कथा जरूर आपको कुछ नहीं बल्कि बहुत कुछ देगी।
मनुष्य जीवन विषय वस्तु को भोगने के लिए नहीं मिला है, लेकिन आज का मानव भगवान की भक्ति को छोड़ विषय वस्तु को भोगने में लगा हुआ है। उसका सारा ध्यान संसारिक विषयों को भोगने में ही लगा हुआ है। मानव जीवन का उद्देश्य कृष्ण प्राप्ति शाश्वत है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन का उद्देश्य कृष्ण को पाकर ही जीवन छोड़ना है और अगर हम ये दृढ़ निश्चय कर लेंगे कि हमें जीवन में कृष्ण को पाना ही है तो हमारे लिए इससे प्रभु से बढ़कर कोई और सुख, संपत्ति या सम्पदा नहीं है।

Related Articles

भगवत कथा के समय स्वयं श्रीकृष्ण आपसे मिलने आए हैं। जो भी इस भागवत के तट पर आकर विराजमान हो जाता है, भागवत उसका सदैव कल्याण करती है। उन्होंने कहा कि बिना जाति और बिना मजहब देखे इनसे आप जो मांगे ये आपको वो मनवांछित फल देती है और अगर कोई कुछ न मांगे तो उसे मोक्ष परियन्त तक की यात्रा कराती है। इस अवसर पर हजारों की संख्या में बड़ी श्रद्धालु मौजूद रहे।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!